मथुरा में क्या प्रसिद्ध है 2022| Top 10 Mathura me Ghumne ki Jagah

Mathura me Ghumne ki Jagah 2022- हेल्लो दोस्तों, आज  इस लेख में मैं आपको मथुरा में घुमने वाली जगहों के बारे में बताने वाला हूँ. मंदिरों और धार्मिक स्थलों के रचनाओ से मथुरा भारत का सबसे लोकप्रिय और शांत स्थलों में से एक है | कारण की इसे भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है |

आपको बता दे की अगर आप इस शहर का नज़ारा देखने आना चाहते है तो | त्योहारों के समय यहाँ आये आपको को यहाँ आश्चर्य कर देनी वाली जगहों को घुमने का मौका मिलेगा | 

श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर

श्री कृष्ण जनम स्थान मंदिर उत्तरप्रदेश के पवित्र शहर मथुरा में स्तिथ है | यहाँ जेल की कोठरी को चारो और बनाया गया है | आपको बता दे की कृष्णा के माता पिता देवकी और बासुदेव को इसी कोठरी में कंश ने कैद किया था |

हिन्दू धर्म के लोगो के लिए ये मंदिर बहुत ही ज्यादा महत्त्व है | इस मंदिर को कई बार तोडा गया और बनाया गया | जन्माष्ठमी ,बसन्त पचमी, होली और दीपावली जैसे त्यौहार के समय ये जगह ज्यादा लुभावन हो जाती है |

मथुरा वृन्दावन में कौन कौन सी मंदिर है ?

Mathura me Ghumne ki Jagah- मथुरा में बहुत ही फेमस मंदिर है जिसके बारे में शायद ही आपको पता होगा | तो चलिए जानते है मथुरा में कौन कौन सी मदिर है | और उनकी क्या खासियत है.

प्रेम मंदिर (Mathura me Ghumne ki Jagah)

मथुरा में बनी ये प्रेम मंदिर पुरे विश्व में फेमस है | इस मंदिर को देखने के लिए लोग देश विदेश से लोग वृन्दावन आते है | इस मंदिर की सुन्दरता हर किसी को लुभावित कर देती है | यही वजह से यहाँ भक्त घंटो रुकने के लिए मजबूर हो जाते है | तो चलिए इस मंदिर के कुछ रहस्यों के बारे में जानते है शायद ही आपने सुना होगा.

वृन्द्रावन का ये मंदिर श्री कृष्ण और राम सीता को समर्पित है | आपको जानकर ये आश्चर्य होगा किसी मंदिर को बनाने में पाचवे जगद्गुरु कृपाल महाराज द्वारा समर्पित की गयी है | आपको बता दे की इस मंदिर को बनाने में 11 साल लग गए थे |

प्रेम मंदिर का निर्माण कब हुआ?

जनवरी 2001 में शुरू किया गया

इसका उदघटन समारोह 15 फरवरी से 17 फ़रवरी

17 फ़रवरी को सार्वजनिक कर दिया गया

मंदिर की उचाई -125 फीट

चौड़ाई – 115 फीट

संगमरमर के पत्थर को इटली से मंगाए थे

बिरला मंदिर

मथुरा के बिरला मंदिर के रूप में गीता मंदिर फेमस है | ये मंदिर लक्ष्मी नारायण को समर्पित है| आपको बता दे की मथुरा के बाहरी इलाकों में वृन्द्रावन – मथुरा सड़क पर स्तिथ है |लक्ष्मी नारायण तीर्थ यात्रियों के लिए दुनिता भर में भक्तो का द्वारा किया गया है |

मुख्य मंदिर के अंदर पूज्य देवता लक्ष्मी नारायण है | इस मंदिर का निर्माण किशोर बिया ने अपने माता पिता की याद में किया था | इस मंदिर में वास्तु कला है | जिसमे आँखों को पकड़ने वाले चित्र है | और दीवारों को भी सुन्दर ढंग से सजाया गया है

इस मंदिर का आकर बहुत बड़ा है | और लाल बलुआ पत्थर में बहुत ही अनोखा दिखाई देता है | Mathura Ghumne ki Jagah

गोपीनाथ मंदिर (Mathura Ghumne ki Jagah) 

बाके बिहारी मंदिर के पास गोपीनाथ जी का मंदिर है | डेरा गाजी नाम से फेमस है | करीब 75 वर्ष पहले सन 1947 पाकिस्तान बनने के बाद अपने धाम वृन्द्रावन में उन्ही के वंशो द्वारा सुक्कन माता कुञ्ज में स्थापित किये गए थे | लोगो ने ठाकुर सेवा में बहुत चमत्कार देखे और इस गली का नाम ही सुखन माता के नाम पर पड़ गया तभी से वो सुखन माता वाली गली के नाम से फेमस है.

बाके बिहारी मंदिर

यूपी के वृन्द्रावन में कई मंदिरों के बारे में बताया है, आपको बता दू की यहाँ एक बाके बिहारी मंदिर पुरे विश्व में फेमस है | इस मंदिर में भक्तो की गहरी आस्था है | यहाँ के भक्तो का ऐसा मानना है की अगर कोई बाके बिहारी मंदिर की दर्शन कर लेता है तो उसका जीवन सफल हो जाता है | ऐसा माना जाता है की बाके बिहारी मंदिर लोकप्रिय और मनोकामना पूरा करने वाला मंदिर है |

आपको बता दे की ये 1860 में इसका निर्माण हुआ | और ये राज्यस्थान वास्तु कला का एक नमूना है | आपको बता दू की बाके बिहारी की ये छवि स्वामी हरिदास जी ने निधि वन में खोजी थी | 1921 में स्वामी हरिदास के द्वारा पुननिर्माण कराया गया था | इस मंदिर में बिहारी जी की कलि प्रतिमा है, मान्यता ये है की कृष्ण और राधा समाए हुए है | ऐसी  मान्यता है की अगर कोई भक्त दर्शन करता है तो उन्ही का हो जाता है | भगवान के दर्शन और पूजा करने से सारे संकट, दुःख, दर्द सब कुछ मिट जाते है |

राधा रमण मंदिर

Mathura me Ghumne ki Jagah- उत्तरप्रदेश में राधारानी की नगरी वृन्दावन के सप्त देवालयों राधारमण मंदिर में पौने पाच वर्ष से बिना माचिस के प्रयोग से ही यहाँ आरती हो रही है.

राधारमण मंदिर के सेवायत आचार्य दिनेश चन्द्र गोस्वामी ने तीन मंदिरों में विग्रह में राधारमण मंदिर के दर्शन के रहस्यों का उद्घाटन करते हुए बताया है, ठाकुर हमेशा भक्त के भक्ति में वशीभूत रहते है, गोपाल भक्त के भक्ति के कारण ही उनकी मनोकामना पूरी हुई.

उन्होंने बताया है की माता पिता की आज्ञा पाकर, जब गोपाल भट्ट वृन्द्रावन के लिए रवाना हुआ तब मुह से हरी नाम की आवाज आ रही थी, की भक्ति ऐसी अटूट थी की बीहड़ जंगलो से होकर जब वो वृन्द्रावन जा रहे थे | हिंसक जीव भी आगे जाने का रास्ता दे देते थे |

इसी लिए ठाकुर के प्राकट्य के लिए उन्होंने माध्यम बनाया, और मंदिर की आरती के लिए अग्नि वैदिक मंत्रो के माध्यम से आज से 475 वर्ष पहले प्रकट की गई थी | और इसके लिए अरण्यमंथन का सहारा लिया गया था.

वृन्दावन में कुल कितने मंदिरे है ?

Mathura me Ghumne ki Jagah- वृन्दावन में तक़रीबन 5000 छोटे बड़े मंदिर है, आपको बता दे महाप्रभु ने यहाँ कई मंदिरों की खोज की थी, वर्ष 1515 में वृंदावन में फेमस मंदिर कौन-कौन से है.

वृन्द्रावन में फेमस मंदिर कौन कौन से है ?

वृन्द्रावन के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताया है जो बहुत ही जयादा प्रख्यात है दोस्तों ……

  • इस्कॉन वृन्दावन मंदिर
  • राधा रमण मंदिर
  • रंगनाथ मंदिर
  • प्रेम मंदिर
  • कत्यानी मंदिर
  • श्री गोविन्द जी देवजी मंदिर
  • गोपेश्वर महा देव मंदिर

वृन्दावन में क्या क्या चीज़ देखने लायक है ?

  • द्वारकाधीश मंदिर
  • कंस किला
  • मथुरा संग्रालय
  • गोवर्धन पर्वत
  • कुसुम सरोवर
  • बाकेबिहारी मंदिर

आप ऊपर दिए गए इन सभी जगहों को देखने लायक है दोस्तों……

मैं अरुण कुमार आशा करता हु दोस्तों की ये (Mathura me Ghumne ki Jagah) हमारा पोस्ट अच्छा लगा होगा, अगर हमारा पोस्ट आपको अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों में इसे शेयर करना न भूले …

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