एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? लैंग्वेज ट्रांस्लेटर क्या है? 2020

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? लैंग्वेज ट्रांस्लेटर क्या है? 2020

लैंग्वेज ट्रांस्लेटर क्या है?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के असावधानी पूर्वक प्रयोग को, सांकेतिक निर्देशों को कम्प्यूटर द्वारा पढ़ने योग्य बनाने के लिए इसका प्रयोग करते हैं । वह सॉफ्टवेयर जिसके द्वारा अन्य भाषाओं के कोड को मशीन कोड में बदलता है । उसे लैग्वेज ट्रांस्लेटर कहते हैं ।

 लैंग्वेज ट्रांस्लेटर तीन प्रकार के होते हैं ।

( 1 ) असेम्बलर

( 2 ) इन्टरप्रेटर

( 3 ) कम्पाइलर

( 1 ) असेम्बलर क्या है?

असेम्बलर असेम्बली भाषा चिन्ह ( कोड ) ( सोर्स प्रोग्राम ) को मशीन भाषा चिन्ह ( आब्जेक्टर प्रोग्राम ) में बदलता है । माइक्रोसॉफ्ट असेम्बलर प्रोग्राम ( MASM ) और बोरलैन्ड टर्बो असेम्बलर प्रोग्राम ( TASM ) ये दो प्रसिद्धअसेम्बेलर हैं ।  “असेम्बलर क्या है”

( 2 ) इन्टरप्रेटर क्या है? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? 

उच्चस्तरीय भाषा ( High Level language ) के निर्देशों के कोड कई भागों ( statements ) में लिखे जाते हैं । इस कोड के पढ़ते समय एक – एक भाग को मशीन कोड में बदलने के लिए जिस सॉफ्वेयर का प्रयोग करते हैं

उसे इन्टरप्रटर कहते है । Ex . BASICI or GWBASIC का प्रयोग BASIC भाषा में प्रयोग लिखने के लिए होता है । इन्टरप्रेटर क्या है?

( 3 ) कम्पाइलर क्या है? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? 

कम्पाइलर क्या है? कम्पाइलर लिखे गये प्रोग्राम को एक बार में ही शीघ्रता से इक्जीक्यूट करता है । इसका अर्थ यह नहीं कि कम्पाइलर ट्रांस्लेट और इक्जीक्यूट दोनो एक ही समय हो । यह ( सोर्स कोड ) प्रोग्राम को मशीन कोड में बदलता है । तथा प्रोग्राम को रन ( run ) करता है ।

उदाहरण : – COBOL , FORTRAN , PASCAL , Turbo / Quick BASIC , Turbo / Microsoft आदि उच्च स्तरीय भाषा है ।

(B ) एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है?

सॉफ्टवेयर की आवश्यकता सामान्य और विशेष एप्लीकेशन के लिए पड़ती है । जैसे वर्ड प्रोसेसिंग, एकाउन्ट आदि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हैं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का निर्माण कम्प्यूटर प्रोफेशनल ने सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके किया जिन्हें एप्लीकेशन प्रोग्रामर्स के नाम से जानते है ।

उदाहरण : – एम एस वर्ड , एम.एस.एक्सल और पेन्ट

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कितने प्रकार होते है?

( 1 ) ( जनरल परपज ) सामान्य उपयोग के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ।

( 2 ) विशेष उपयोग के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ।

( 3 ) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

( A ) सामान्य उपयोग के लिए : –

जब कोई संस्था कम्प्यूटर खरीदती हैं तब आपरेटिंग सिस्टम के साथ – साथ कुछ आवश्यक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर भी खरीदती है । सॉफ्टवेयर सामान्य उपयोग के लिए आवश्यक है । जैसे वर्ड प्रोसेसिंग , डाटावेस मैनेजमेन्ट , स्प्रेडशीट आदि जिन्हें सामान्य उपयोग ( General Purpose ) के नाम से जानते हैं

जैसे माइक्रोसॉफ्टवर्ड , माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल और माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस ।

( B ) विशेष उपयोग के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर : सॉफ्टवेयर की आवश्यकता

कुछ संस्थायें अपने विशेष कार्य के लिए विशेष एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करती हैं या विशेष कार्य चाहती है तब इस प्रकार के सॉफ्वेयर की आवश्यकता पड़ती हैं । “सॉफ्टवेयर की आवश्यकता”

जैसे- ग्राफिक्स , मल्टीमीडिया एनीमेशन , फाइनेन्सियल अकाउन्टिग , एडोब फोटोशॉप , कोरल ड्रॉ और टेली आदि

( ब ) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? 

इस वर्ग में वह सभी सॉफ्टवेयर आते है जिनके द्वारा कम्प्यूटर के रख रखाव का कार्य किया जाता है । यदि कम्प्यूटर में वायरस आ जाता है.

तो उसे निकालने के लिए इस सॉफ्वेयर का प्रयोग करेगें यदि हमें प्रिन्टर जोड़ना है तो प्रिन्टर को एक्टीवेट करने के लिए प्रिन्टर नामक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर प्रयोग करना होगा ।

कुछ महत्वपूर्ण यूटिलिटी निम्न हैं ।

( i ) टेस्ट एडीटर

( ii ) बैकअप यूटिलिटी

( iii ) डाटा कम्प्रेशन यूटिलिटी

( iv ) ( Disk ) डिस्क डिफ्रेगमेन्टर )

( v ) एन्टीवाइरस साफ्टवेयर

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