What is IPO in Share Market in Hindi | IPO की जरुरत क्यों पड़ती है

हेलो, दोस्तों आज के इस लेख में हमने IPO के बारे में संछिप्त विवरण दिया है इससे पहले हमने रेगुलेटर के बारे में समझा था. अब यह सवाल के बारे में जानना बहुत जरुरी है- what is IPO in share market in hindi, आखिर ये कंपनियाँ IPO क्यों लेती है? इस सवाल का जवाव काफी सरल है.

Part 2What is IPO in share market in Hindi

इसे पहले हमें ये समझना होगा की कंपनी कैसे सुरु होती है? इसको हम एक कहानी के रूप में समझेंगे. कंपनी पैसो को कैसे जोडती है इसका सिस्टम कैसे काम करता है इसे हम सरल भाषा में समझेगे.

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IPO की जरुरत क्यों पड़ती है? Angels invester किसे कहते है?

मान लीजिये कोई बुसिनेस मैन है और उसके पास एक बेहतरीन बिज़नेस आईडिया है. (what is IPO in share market in hindi)

जैविक कपास से फैशन डिजाइ की टी-शर्ट्स बनाने की कंपनी को खोलना है और टी-शर्ट्स की डिजाईन सबसे अलग तरीके की होगी. ग्राहकों को लुभाने के लिए कम कीमत के साथ-साथ बढ़िया क्वालिटी का cotton का उपयोग होगा. ऐसा सब कुछ होना उसका आईडिया है और उसे अपने आईडिया पर पूरा भरोसा है इस बिज़नेस को सुरु करने के लिए बहुत उत्साहित है.

जैसा की सभी को पता है की इसके बाद बिजनेसमैन का सवाल होता है की उस कंपनी को चलाने के लिए पैसे कहाँ से आयेंगे? मान लीजिये उस व्यक्ति को बिज़नेस चलाने का कोई अनुभव नहीं है तो इस तरह की परिस्थति में ऐसे व्यक्ति को तलाश करना बहुत मुश्किल होता है जो उसके आईडिया को कारोबार में बदलने के लिए पैसे दे. तो वह क्या करेगा?

वह अपने परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों से मदद मांगेगा और वह बैंक से लोन लेने की के बारे में सोचेगा, लेकिन सुरुआती में ये उसके लिए सही नहीं होगा. मान लीजिये वह अपनी सारी जमा राशी और दोस्तों को कारोबार में पैसे लगाने के लिए राजी कर लेता है ऐसे में बिज़नेसमैन पर बहुत दबाब लगा रहगा. ऐसे हालत में दोस्तों को angel investor कहा जाता है.

Angel investers दोवारा कंपनी में लगाया गया पैसा कर्ज नहीं होता है इसे हम इन्वेस्टमेंट कहते है. मान लीजिये जिसका बिज़नेस है और इन्वेस्टर ने मिलकर 5 करोड़ जोड़ा है उसे हम सीड फाउंड (seed fund) कहते है. इस फंड्स को अपने बैंक अकाउंट में नहीं बल्कि कंपनी के अकाउंट में रखा जाता है जिसे कंपनी के (initial share capital) के नाम से जानते है.

इस कंपनी के 3 हिस्सेदार (प्रमोटर & 2 एंजेल इन्वेस्टर) हो गय है जिनको कंपनी के शेयर्स दिए जायेंगे. इस समय कंपनी के अकाउंट में 5 करोड़ रूपए है, ये कंपनी की संपत्ति (asset) है. कंपनी की वैल्यू 5 करोड़ है जिसको हम वैल्यूएशन (valuation) कहते है. शेयर को इशु करना काफी आसान है. कंपनी के प्रतेक share की कीमत 10 रूपए है क्योकि 5 करोड़ share capital है जिसमे 50 लाख शेयर्स उपलब्ध है जो इसमें share की कीमत 10 रूपए है उसे face value कहते है.

Issued Share– मान लीजिये की प्रमोटर को 40% और एंजेल को 5-5% शेयर्स मिले तो कंपनी के पास टोटल 50% शेयर्स जमा है. जो भी shares प्रमोटर और एंजेल इन्वेस्टर को प्राप्त होते है उसे Issued share कहते है. कंपनी का share holding pattern इस तरह का दिया होता है- (what is IPO in share market in hindi)

What is IPO in Share Market in Hindi
What is IPO in Share Market in Hindi

यह 50% शेयर्स कंपनी के पास है जिसे authorized share कहते है, Allot का मतलब ये share किसी को नहीं दिए है. अब उस प्रमोटर के पास अच्छा सीड फण्ड है जिससे वह बड़ा कारोबार सुरु कर सकता है.

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यह तक प्रमोटर कामयाब हो जाता है दूसरी साल के आखिर तक उस कंपनी की आय और खर्च एक ही बराबर हो जाते है. जब कंपनी की यह स्थति हो जाती है तो उसे कंपनी ब्रेक इवेन कहते है. 1 साल बाद प्रमोटर को कंपनी चलाने का अच्छा अनुभव हो गय है और उसे पहले से अधिक आत्मविश्वास हो गया है. अब वह अपने बिज़नेस को और बड़ाना चाहता है.

उसके प्लान के मुताबिक, उसे कम से कम 7 करोड़ रूपए की जरुरत होगी. प्रमोटर की स्थति पहले से काफी बेहतर हो गई है उसे लगातार मुनाफा हो रहा है. अब प्रमोटर उन लोगों के पास जा रहा है जो लोग नई कंपनी में इन्वेस्ट करते है. मान लीजिये की उसने एक इन्वेस्टर से बात की है जो 14% के हिस्सेदारी के बदले में 7 करोड़ देने के लिए हां कर देता है.

इस तरह के इन्वेस्टर जो नई कंपनी की सुरुआत (phase) में पैसा invest करते है उनको venture capitalist – VC कहा जाता है. जब भी कंपनी authorized capital में से 14% VC को Allot कर देता है तो यह pattern कुछ इस तरह का बनेगा. (what is IPO in share market in hindi)

What is IPO in Share Market in Hindi
What is IPO in Share Market in Hindi

IPO के क्या फायदे है/IPO के फायदे और नुकसान-

  1. ये समझना काफी जरुरी है कंपनिया share market में क्यों आती है, आईपीओ में आने के लिए क्या करना होता है.
  2. जो लोग फायदा होने से पहले ही कंपनी/बिज़नेस में इन्वेस्ट करते है उनको angel invester कहते है.
  3. Angel Investor काफी हद तक जोखिम उठाते है. एक तरह से, प्रमोटर और एंजेल इन्वेस्टर दोनों लोग जोखिम उठाते है.
  4. बिज़नेस में एंजेल इन्वेस्टर दोवारा जोड़ी गई पूजीं को seed fund कहते है.
  5. फेस वैल्यू और शेयर की कीमत एक ही होती है.
  6. कंपनी के पास जितने भी शेयर्स होते है उनको authorized share कहते है.
  7. कंपनी की share holding पैटर्न से ये जान सकते है की इस कंपनी में किसका कितना हिस्सा है.
  8. Venture Capitalist नई कंपनी में इन्वेस्ट करते है, इस जोखिम के मुकाबले एंजेल इन्वेस्टर का जोखिम कम होता है. VC दोवारा इन्वेस्ट किये गय फण्ड एंजेल और प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्ट से बिच में होता है.
  9. जिन फण्ड से कंपनी अपने बिज़नेस को बढ़ाने में करती है उसे कैपिटल एक्सपेंडीचर कैपेक्स कहते है.
  10. जिस तरह से कंपनी grow करती है फिर उसके लिए VC, the Banker, PE आदि से फंडिंग की जरुरत होती है.
  11. VC कंपनी की एक सीमा होती है, इसके बाद हमें अधिक फंडिंग के लिए प्राइवेट इक्विटी- PE फॉर्म के पास जाना होता है.
  12. प्राइवेट इक्विटी फॉर्म बाले जिस भी कंपनी में इन्वेस्ट करते है, वे उसके बोर्ड में अपने लोगों को बैठाना चाहते है ताकि बिज़नेस अच्छी तरह से चले. (what is IPO in share market in hindi)
  13. कंपनी की वैल्यूएशन भी उसके बिज़नेस, आमदनी और मुनाफा होने से बढती है.
  14. IPO के मदद से अधिक पूंजी जुड़ सकती है. जिसका उपयोग कंपनी के किसी भी काम में लगा सकते है.

IPO के क्या फायदे है?

कंपनी की वैल्यूएशन भी उसके बिज़नेस, आमदनी और मुनाफा होने से बढती है.
IPO के मदद से अधिक पूंजी जुड़ सकती है. जिसका उपयोग कंपनी के किसी भी काम में लगा सकते है.

Part 2What is IPO in share market in Hindi

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