उत्तराखंड में घूमने की जगह | Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah

दोस्तों, आज के इस लेख में हमने आपको उतराखंड में घूमने की जगहों, Uttarakhand Mein Ghumne Ki Jagah Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah के बारे में बताया है. उतराखंड में अनेक देवी देवताओ के मंदिर स्थित है जिनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर के पर्यटक आते है.

इसके अलावा घूमने के लिए अनेक प्रकार की जगह है. यहाँ पर आपको कई प्रकार की खुबसूरत जगह देखने को मिलेंगी. अब हम उतराखंड की खुबसूरत जगह के बारे में जानेंगे. सबसे पहले हम ऋषिकेश और हरिद्वार के बारे में जानेगें.

ऋषिकेश और हरिद्वार

Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah- ऋषिकेश उतराखंड राज्य के देहरादून जिले में बहुत ही फेमस पर्यटक स्थल है. ये उत्तर भारत के तलहटी में है. जिसे गढ़वाल हिमालय के प्रवेश द्वार के नाम से भी जाना जाता है. आपको जानकर ये हैरानी होगी की ये  विश्व योग के  राजधानी के रूप में प्रख्यात है.

अगर आप दोस्तों  ऋषिकेश घुमने का प्लान बना रहे है तो आप इन खूबसूरत जगहों के बारे में जरुर जाने. हरिद्वार गढ़वाल के छेत्र में गंगा नदी के किनारे पर है. हरिद्वार में आश्रमों, मंदिरों और संकरी के कारण ही हरिद्वार शहर इतना ज्यादा प्रचलित है. यहाँ पर  प्रतेक 12 वर्ष में कुम्भ का मेला आयोजित होता है.

उत्तराखंड का केदारनाथ और बद्रीनाथ

उतराखंड में स्थित केदारनाथ शिव मंदिर, हिमालय पर्वतमाला, तीर्थ स्थल आदि खुबसूरत नज़रों को देखने के मिलेगा. जैसा की आपको पता होगा की केदारनाथ मंदिर चोराबाड़ी ग्लेशियर से घिरा हुआ है. हिन्दुओ के 4 पवित्र धाम है जिनमे से भगवान विष्णु बद्रीनाथ को बहुत लोकप्रिय मंदिर है. यह धाम अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है जो पूरे शहर को सुखमय रखता है.

उत्तराखंड का देहरादून

ये स्थान हिमालयो के जंगलो से भरा हुआ है. ग्रीक रोमन वास्तुकला की तर्ज पर निर्मित है. यह 5 किलो मीटर के परिसर में अलग अलग पेड़ पौधों और जानवरों का घर है इसे 1906 में ब्रिटिश सरकार द्वारा स्थापित किया गया था.

प्राकृतिक के दोवारा बेहतरीन सुन्दरता के अलवा ये स्थान विनकी और वन से सम्बंधित भरी मात्रा में देते है. ये इन्द्रागांधी राष्ट्रीय वन एकादमी और भारतीय वन रिसर्च वन सम्बंधित मेजबानी करता है. दोस्तों इसकी सुन्दरता, नेचर आभा, दुर्लभ के नमूने पहाड़ी इलाके और इसकी संरचना देहरादून की एक अनोखा पर्यटक स्थल बनाती है. उतराखंड की राजधानी देहरादून है.

उत्तराखंड की मसूरी और नैनीताल जगह

मसूरी दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहाँ पर लाखों पर्यटक आते है. मसूरी को “क्वीन ऑफ द हिल्स” के नाम से भी जानते है. इसकी ऊचाई समुंद्र ताल से लगभग 700 फिट है.  देहरादून में स्तिथ मसूरी शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर है. जो फेमस ऊँचे-ऊँचे पहाड़ो, बर्फ़बारी, हील स्टेशन, जर्ने झील और भी प्रकार के एडवेंचर प्लेस आपको देखने को मिलता है.

मसूरी ट्रेकिंग करते हुए जब आप बदलो पर पहुच जायेंगे, तब आप बदलो के ऊपर और बादल आपके निचे होगा. यदि नैनीताल की बात की जाए तो, उतराखंड के नैनीताल हिल स्टेशन जो वेहद खूबसूरत पर्यटक स्थल है. यहा आपको पानी के अन्दर सफ़ेद बतख भी देखने को मिल जायेंगे. आप झील के पास ही बना नैना देवी मंदिर के दर्शन करके मन को शांति दे सकते है . ये जगह सच में बहुत अनोखा है .

 हर की पौड़ी (Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah)

अपने हर की पौड़ी के बारे में तो सुना ही होगा ये उतराखंड के हरिद्वार जिले में है. यह हिन्दुओं का पवित्र और धार्मिक स्थान है जो काफी प्रसिद्ध घाट है. यहाँ पर सभी हिन्दू लोग स्नान करने के लिए जाते है. कहा जाता है की यहाँ पर स्नान करने से हमारे किये गय पाप नष्ट हो जाते है.

इस घाट पर प्रतेक दिन लोग स्नान करने जाते है. यहाँ श्रद्धालुओं पर श्रद्धालुओं की भीड़ हो जाती है.

हर की पौड़ी घाट के निर्माण का कारण राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई भर्तृहरि की मृत्यु के पश्चात में किया था. क्योंकि भर्तृहरि ने गंगा नदी के तट पर काफी समय तक तपस्या की थी. सुना जाता है हर की पौड़ी पर विष्णु भगवान के पदचिन्ह के बारे में बात होती है.

जिसकी कारण इस स्थान को “हर की पौड़ी” भगवान हरि ने नाम से रखा गया है. यहा पर आपको मोक्ष, अर्थ, और धर्म आदि की प्राप्ति होगी. यहाँ पर कुंभ स्नान के समय लाखों लोग स्नान करने आते है.

औली

अब हम औली की बात करते है जहाँ पर आप मसूरी की तरह ही औली बर्फ में स्किंग कर सकते है. यदि को भी स्किंग करने के शौक रखता है तो वह यहाँ पर घूमने के लिए बेहतरीन पर्यटक स्थान पर जा सकता है. इस जगह पर बर्फ से ढके हुए पहाड़ और वादियाँ पर ट्रेक करने के लिए रास्ते बने हुए है जिसे देखकर आपको बहुत प्रसन्नता होगी.

इस जगह पर आपको अति सुन्दर सेब के बाग़, देवदार, चीड़ और पुराने ओके के पेड़ आदि को देख सकोगे. Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah 

मित्रों पर्यटको की इस खुबसूरत जगह पर घूमने के लिए कई सुविधाए (गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड) के दोवारा अनेक स्की पॉइंट और रिसोर्ट बनाये है जहाँ पर पर्यटक स्की से संबंधित चीजों को खरीद सके.

औली की साफ सफाई और एवं स्वच्छ वातावरण के कारण से भारत का स्किंग गंत्वय  के इस नाम से भी जानते है. इसक अलावा शरद ऋतु में अनेक प्रकार की सकिंग प्रतोगिता होती है.

औली में कई हिन्दू धर्म स्थल नंदा देवी, माणा पर्वत और कामत कामेट आदि देखने को मिलेंगे. इस जगह पर प्रतेक वर्ष हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने के लियी आते है.

आप इस जगह पर त्रिशूल पीक, औली रोपवे, गुरसो बुग्याल, कवनि बुग्याल, जोशीमठ आदि प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है. मित्रों आप यह पर घूमने के लिए किसी भी समय जा सकते हो.

मुक्तेश्वर –

अब हम मुक्तेश्वर धाम के बारे में समझते है इसके चारों ओर पहाड़ीयां के साथ शांति बातावरण है. यह खुबसूरत शहर हसीन वादियों में बसा हुआ है जो नैनीताल से लगभग 47 किमी की दूरी पर स्थित है. मुक्तेश्वर धाम में लगभग 350 वर्ष पुराना शिव मंदिर है जो भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश और शिव के वाहन नंदी को समर्पित है.

यही बजह है जिसके कारण इस शहर का नाम मुक्तेश्वर रखा गया. यहाँ सर्दियों में आना काफी सही होगा क्योकि सर्दियों में यहाँ के पहाड़ों पर सफ़ेद वर्फ की चादर बन जाती है जिससे हमें अनुभव होता ही की कैलाश पर्वत पर भगवान शिव विराजित है. Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah

भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी जो अधिक खुबसूरत है जो वर्फ से ढंकी हुई है आप यहाँ भी घूमने का अननद उठा सकते है. इस जगह पर अधिक दूर-दूर के लोग घूमने के लिए आते है. इसके साथ में आपको Camping, Paragliding, Trekking, Rock Climbing और Rappelling आदि एक्टिविटीज़ मजा ले सकोगे. हमने आपको Uttarakhand Me Ghumne Ki Jagah के बारे बता दिया है.

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उत्तराखंड घूमने का सही समय

उत्तराखंड में बहुत सी घूमने की बेहतरीन जगह है जहाँ पर आप किसी भी समय घूमने जा सकते है लेकिन कुछ एसी जगह है जहाँ पर शर्दिओं में जाने पर आनंद आयगा.

उत्तराखंड का धार्मिक स्थल है?

1.       हर की पौड़ी
2.     केदारनाथ
3.       बद्रीनाथ
4.     भैरव मंदिर , शिव का एक रूप,
5.     नन्दा देवी मंदिर अल्मोड़ा
6.     झुलादेवी मन्दिर रानीखेत
7.     जागेश्वर मंदिर
8.     बिनसर मंदिर रानीखेत
9.     कटारमल सूर्य मंदिर अल्मोड़ा
10.  गैराड़ गोलू मन्दिर,अल्मोड़ा

उत्तराखंड में कितने तीर्थ हैं?

उतराखंड में 508 तीर्थस्थल है ..

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