शेयर बाजार में लाभ के टोटके | ध्यान में रखने योग्य बाते

आज के इस लेख में हम आपको शेयर बाजार में लाभ के टोटके (share bazar ke labh ke totke) के बारे में बताया है. हम उन सभी चीजों के बारे में चर्चा करेंगे जो एक नौसीखिए को समझना बहुत जरुरी है. एक नौसीखिए के लिए बेसिक चीजे समझान बहुत जरुरी होता है.

यदि किसी निवेशक को बेसिक चीजों के बारे में ही पता नहीं होगा तो वह शेयर मार्किट में कभी भी मुनाफा नहीं बना सकेगा. ज्यादातर नय निवेशक ज्यादा पैसे कमाने के लालच मे अपना सारा पैसा किसी स्टॉक या ट्रेडिंग में लगा देते है जिससे उनको अधिक नुक्सान का सामना करना होता है और फिर यही लोग शेयर मार्किट को बदनाम कर देते है.

इस तरह के लोग शेयर मार्किट को एक जुआ का नाम दे देते है. यह तो आप भी जानते है की यदि बिना सीखे किसी बिज़नस में पैसा निवेश करेंगे तो नुक्सान तो होगा ही. शेयर मार्किट भी एक बिज़नस है लेकिन लोग इसे जुआ समझते है. शेयर बाजार में लाभ के टोटके..

share bazar ke labh ke totke
शेयर बाजार में लाभ के टोटके

Share Market Fundamental Analysis की महत्वपूर्ण चीजे 

जब भी आप पैसा निवेश करेंगे तो सबसे पहले fundamental analysis और technical analysis को देखना होता है. लेकिन हम fundamental analysis को समझेंगे. fundamental analysis का मतलब क्या होता है? इसमें हमें किन चीजों को देखना और समझना होता है.

जो चीज हम खरीदने वाले है वह चीज हमें सस्ते में मिल रही है या महंगे में मिल रही है. वारेन बफ़ेट बोलते है की आप वैल्यू इन्वेस्ट करें. वैल्यू इन्वेस्टिंग का मतलब होता है की मैं जो भी स्टॉक खरीद रहा हूँ उस स्टॉक intrinsic value से ऊपर खरीद रहा हूँ या फिर निचे खरीद रहा हूँ.

इसमें price वह है जो आप देते है और value जो आपको स्टॉक खरीदने पर मिलती है. Current price intrinsic value से कम होना चाहिए है. शेयर बाजार में लाभ के टोटके

Enterprise Value क्या होता है

Example – मान लीजिये आपने अपने saloon से बाल कटाए उसके बदले में आपने उसे price दिए और आपको उसके बदले में value मिली. अब आपको देखना है की क्या आपको अच्छे बाल काटे या नहीं. किसी ने आपके 50 रूपए लेकर बाल भी काटे और चहरे की मसाज भी की, और बाल काटने से पहले सेम्पू भी किया, इसे बोलेंगे की हमें 50 रूपए में अच्छी value मिली.

Part 2 –

Current price intrinsic value से कम होना चाहिए है. चीज intrinsic value अधिक में भी मिल रही है लेकिन फिर भी उस स्टॉक का price अधिक तेजी से ऊपर जा रहा है. इसका क्या मतलब हुआ, इसे समझे. अब कुछ ratio आते है जिनके बारे में एक नौसीखिए को समझना बहुत जरुरी है.

शेयर बाजार में लाभ के टोटके
शेयर बाजार में लाभ के टोटके

Beginner के लिए कुछ मुख्य Ratio क्या है | शेयर बाजार में लाभ के टोटके

यह कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण ratio है जिनके बारे में अब समझेंगे..

  • P/E Ratio (Price to Earnings Ratio)
  • P/B Ratio (Price to Book)
  • D/E Ratio (Debt to Equity)
  • Current Ratio

Price to Earnings Ratio –

P/E ratio से हमें पता लगता है की कंपनी का शेयर अपने EPS (Earnings per share)के मुकाबले मार्किट में कितने गुना कीमत पर ट्रेड चल रहा है. इस तरह से Price to Earnings ratio कंपनी की current stock price और Earnings per share के सम्बन्ध को बताता है.

P/E Ratio In Hindi 

Example

मान लीजिये एक ABC कंपनी है जो एक वर्ष में 100 रूपए कमाती है. मन लें की मार्किट में उसका एक ही शेयर उपलब्ध है जो आप उसे खरीद चुके है उस स्टॉक की करंट मार्किट प्राइस 1000 रूपए है और P/E ratio 10 है.

इसका मतलब है की आपने उस कंपनी से 1 वर्ष में 100 रूपए कमाने के लिए 1000 रूपए दिए है आपको कंपनी की P/E ratio की 10 गुना कीमत देनी पड़ी है. सरल तरीके से समझे, आपने 1 रूपए कमाने के लिए 10 रूपए दे रह है.

P/E = Current Share Price/Earning Price

Price to Book Ratio –

P/B ratio जितना कम उतना अच्छा होता है 20 से कम होना चाहिए.

किसी भी कंपनी के कुल संपत्ति (total assets) को बेच देने और बाकि की सभी  (liabilities) देनदारियों को चूका देने के बाद कंपनी के पास जो भी पैसा बचता है उसे हम book value कहते है. बुक वैल्यू से उस शेयर की value पता लगती है जो शेयरहोल्डर को मिलती है Book Value को Shareholders Fund या Equity भी कहते है.

P/B Ratio in Hindi

उधारण के तौर पर समझते है इसे समझने में मदद मिलेगी-

यदि एक ABC कंपनी है उसके शेयर की कीमत 300 रूपए है

और कंपनी की book value 150 रूपए है, तो ऐसे में

PB Ratio= Price Of Share / Price Of Book Value

= 300/150

=2

इसका मतलब हुआ की ABC कंपनी का शेयर जो कीमत होनी चाहिए उससे हम 2 गुना ज्यादा शेयर खरीद रह है. इसमें शेयर बाजार में लाभ के टोटके के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी.

D/E Ratio | Debt to Equity –

D/E ratio जितना कम उतना अच्छा होता है 10 से कम होना चाहिए.

शेयर बाजार में लाभ के टोटके – अब हम debt to equity को समझेंगे. Debt to equity दो चीजे होती है Debt का मतलब होता है कर्जा और equity का मतलब हिस्सेदारी/शेयर होता है. कंपनी इन्ही 2 तरीकों से पैसा उठाती है(1)

यदि कंपनी 2 कंपनी चला रही है अगर उसे लगता है की मुझे और 5 कंपनी चलानी है तो उसके लिए पैसों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में इन लोगों के पास 2 तरीके होते है वह बैंक या कही और से कर्जा ले लें या फिर अपनी equity बेचकर पैसा ले लें.

शायद आपको नहीं पता ज्यादातर बेहतर कंपनी कर्जा (debt) लेती है कर्जा काफी सस्ता पड़ जाता है क्योकि उन्हें पता होता है की हम कर्जा कम समय में चूका देंगे. लेकिन कंपनियो को सुरुआत में कर्जा मिलना काफी मुश्किल होता है.

Current Ratio –

शेयर बाजार में लाभ के टोटके– इसमें तुरंत यानि आज के cuurent asset और cuurent Liabilities की बात कर रह है जिसे हम current ratio कहते है. इससे हमें यह पता लगता है की कंपनी आने वाले वर्ष में अपनी Liabilities को चुकाने लायक है या नहीं!

Example –

मान लीजिये किसी कंपनी की पास 20 cr के cuurent asset है और cuurent Liabilities 10 cr कई है तो current ratio 2 हो जायगा. Cuurent asset= 20 cr

Cuurent Liabilities = 10 cr

Current ratio = 2

Current ratio Formula –

Current ratio = Cuurent asset/Cuurent Liabilities

Current Market Price in Hindi

निष्कर्ष –

आज के इस लेख में हमने आपको शेयर बाजार में लाभ के टोटके, और शेयर मार्किट में पैसा लगाने से पहले क्या जरुरी है  आदि के बारे में बताया है. यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है. हम आपके सवाल के जवाव देने की पूरी कोशिश करेंगे.

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