गन्ने की खेती के नुक्सान & Ganne Ki Kheti Ke Fayde- 10

गन्ने की खेती के नुक्सान & फायदे – 10

Ganne Ki Kheti Ke Fayde– भारत में गेहूं और धान के अलावा जिन फसलों की व्यवसायिक रूप से सबसे अधिक खेती की जाती है उनमें गन्ना भी अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत उन देशों में से एक है जहां सबसे अधिक गन्ने की खेती अर्थात सुगरकेन पानी की जाती है। हमारे देश में गन्ने की खेती मुख्य रूप से शरद ऋतु और बसंत ऋतु में की जाती है लेकिन कहा जाता है कि शरद ऋतु में अगर गन्ने की खेती की जाए तो 25 से 30% तक अधिक उत्पादन किया जा सकता है।

26 से 32 डिग्री तक का तापमान इस प्रकार की खेती के लिए सबसे बेहतर माना जाता है और शायद यही कारण है कि गन्ने की खेती अधिकतर उन्हें इलाकों में की जाती है जहां थोड़ा ठंडा मौसम रहता हैं। गन्ने की खेती भारत में कमर्शियल तौर पर मुख्य रूप से चीनी के उत्पादन और इससे जुड़े हुए यह सहयोग की वजह से की जाती है। “Ganne Ki Kheti Ke Fayde

लेकिन किसी भी अन्य पसंद की तरह ही गन्ने की खेती करने के भी अपने फायदे और नुकसान होते हैं। अगर आप गन्ने की खेती करने की सोच रहे हैं तो आपको इस फायदे और नुक्सान के बारे में पता होना चाहिए। यह लेख इसी विषय पर आधारित हैं। इस लेख में हम आपको गन्ने की खेती के फायदे और नुक्सान (Sugarcane Farming Benefits and Disadvantages) के बारे में बताने वाले हैं।

गन्ने की खेती के फायदे और नुक्सान – Sugarcane Farming Benefits and Disadvantages

(Ganne Ki Kheti Ke Fayde Aur Nuksan)

गन्ने की खेती देश के कई इलाकों में कई जाती हैं जहाँ पर मुख्य रूप से ठंडा वातावरण रहता हैं। गन्ने की खेती की खास बात यह भी है कि इसमें अधिकतर बड़े किसान ही करते हैं जिनके पास ज्यादा जमीन होती है। ऐसा नहीं है कि गन्ने की खेती सीमांत किसानों के द्वारा नहीं की जाती लेकिन अगर आंकड़ों की माने तो करने के लिए कि देश में मुख्य रूप से बड़े किसानों के द्वारा की जाती है

और वह अपनी फसल को सीधे व्यापारियों को बेचा करते हैं जिससे कि उन्हें इसके लिए अच्छी कीमत भी मिलती है। लेकिन यह एक ऐसी फसल हैं, जिसे उगाने से पहले प्लानिंग करना जरूरी हैं। अगर प्लानिंग के साथ गन्ने की खेती की जाती है वाकई में काफी प्रॉफिटेबल है और अगर बिना किसी प्लानिंग के साथ गन्ना उगाया जाए तो भारी नुक्सान भी हो सकता हैं।

सभी फसलों को उगाने के अपने फायदे और नुक्सान होते हैं, चाहे वह कमर्शियल हो या ना हो। लेकिन जब बात कमर्शियल की आती हैं तो कोई भी कदम उठाने से पहले प्लानिंग करना जरूरी हैं। अगर आपके पास जमीन मौजूद है और आपकी जमीन गन्ने की फसल के अनुसार वाकई में बेहतर है “Ganne Ki Kheti Ke Fayde”

या फिर आग जमीन लेकर गन्ने की खेती करना चाहते हो तो सबसे पहले आपको गन्ने की खेती करने के फायदे और नुकसान के बारे में पता होना चाहिए। इस लेख में हम आपको गन्ने की खेती करने के सभी फायदे और नुकसान विस्तार से बताने वाले हैं, तो चलिये पहले नज़र डालते हैं गन्ने की खेती करने के फायदो पर।

गन्ने की खेती करने के फायदे – Benefits of Sugarcane Farming in Hindi

भारत उन देशों में से एक हैं जहाँ सबसे अधिक गन्ने की खेती की जाती हैं इसका एक मुख्य कारण भारत मे चीनी की अधिक खपत भी हैं। चीनी इंडस्ट्री के सफल और सक्रिय होने की वजह से ही गन्ने की खेती करने वाले किसान अच्छे दाम भी प्राप्त करते हैं। अगर आपके पास सटीक जमीन मौजूद हैं और सभी सुविधाएं आपके पास हैं तो गन्ने की खेती करना एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा।

गन्ने की खेती करने के कई फायदे हैं, जो इस प्रकार हैं: “Ganne Ki Kheti Ke Fayde”

  • गन्ने की फसल में 20 से 30 प्रतिशत की लागत मानी जाती हैं। अगर पूरी प्लानिंग के साथ इस फसल को उगाया जाए तो काफी कम लागत में बेहतरीन उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। अगर फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है तो व्यापारी फसल के लिए कीमत भी अच्छी अदा करते हैं।
  • गन्ने की फसल की खेती करने में एक बड़ा फायदा यह भी रहता है कि इसमें मौसम के अनुसार काम करके अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। मानसूनी जलवायु और चरस जलवायु में गन्ने की खेती बेहतर रूप से करके उच्च गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त की जा सकती है जिसके लिए किसानों को बेहतरीन दाम मिलते हैं।
  • गन्ने की खेती की एक खास बात यह भी है कि इसमें एक निश्चित समय में प्रति यूनिट क्षेत्र में इकाई के अनुसार बेहतरीन और अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है।
  • गन्ने की खेती की एक खास बात यह भी है कि आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करके इसे पूरे साल किया जा सकता है और एक ही खेत में साल में अधिक बार फसल उगा कर अच्छी कमाई की जा सकती है।
  • अन्य फसलों की तरह गन्ने का अधिक देखभाल नहीं करना पड़ता क्योंकि यह जल्द ही अपनी स्थिति पकड़ लेते हैं और उसके बाद सामान्य देखभाल के साथ ही अच्छी ग्रोथ प्राप्त करते हैं। इससे एक फायदा यह भी होता है कि किसानों को अधिक व दूसरी फसल उगाने का समय मिलता है जिससे कि वह एक्स्ट्रा इनकम जनरेट कर पाते हैं।

गन्ने की खेती करने के नुक्सान – Disadvantages of Sugercane Farming in Hindi

किसी भी फसल को उगाने के फायदे तो होते ही हैं लेकिन साथ में नुकसान भी होते हैं भले ही वह फसल कितनी ही फायदेमंद क्यों ना हो। इसी तरह से गन्ने की खेती करने के भी कुछ नुकसान जरूर है, जो इस प्रकार हैं:

  • अगर कोई किसान पहले अपनी जमीन पर कोई अन्य फसल उगा रहा था और अब वह गन्ने की फसल उगाता है तो उसके लिए यह काफी अलग रहेगा क्योंकि गन्ने की फसल में अन्य पौधों के मुकाबले काफी कम पैदावार होती है।
  • गन्ने की खेती का एक बड़ा नुकसान यह भी है कि इसमें उर्वरकों की काफी जरूरत होती है और मुख्य रूप से नाइट्रोजन उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • गन्ने की फसल की खेती करने का एक बड़ा नुकसान यह होता है कि इसमें अन्य कई रबी की फसलों की तरह कीटो और बीमारियों का खतरा बना रहता हैं। “Ganne Ki Kheti Ke Fayde
  • अगर गन्ने की खेती में फसल सटीक रूप से तैयार होने से पहले काट ली जाए तो फाइबर की कमी रह जाती है और कटाई में देर कर दी जाए तो फाइबर की वृद्धि हो जाती है जिससे कि सीधे तौर फसल की गुणवत्ता में कमी आती हैं, इससे व्यापारी फसल के लिए कम कीमत देते हैं और कभी कबार फ़सल को बेचने में भी दिक्कते आती हैं।

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